उत्तराखंड में फिल्म उद्योग अब मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण के साथ ही कई राष्ट्रीय फ़िल्में भी उत्तराखंड में शूट हो रही हैं जिससे स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है,उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की सक्रिय कार्यवाही के चलते अब स्थानीय फिल्म निर्माताओं को एक उज्जवल भविष्य नजर आ रहा है,बुधवार को देहरादून के एक होटल में राष्ट्रीय फिल्म विकास परिषद (NFDC) और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ( UFDC) द्वारा एकदिवसीय कार्यशाला जिसका विषय उत्तराखंड में ‘ फिल्मिंग इकोसिस्टम का विकास’ रखा गया।
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देहरादून सहस्त्रधारा रोड स्थित एक होटल में राष्ट्रीय फिल्म विकास परिषद और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा साझा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें फिल्म विकास परिषद के अधिकारियों सहित उत्तराखंड के स्थानीय फिल्म निर्माताओं एवं तकनीशियनों ने शिरकत की, कार्यशाला में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी वंशीधर तिवारी ने कहा कि ‘उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के हब में स्थापित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है और NFDC के सहयोग से उत्तराखंड में फिल्म फेस्टिवल और उत्तराखंड राज्य फिल्म पुरस्कार शुरू करने पर गंभीरतापूर्ण कार्य किया जा रहा है।

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गौरतलब है कि उत्तराखंड में फिल्म निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है स्थानीय भाषा की फिल्मों को 2 करोड़ रुपए तक का अनुदान (Subsidy) देने का प्रावधान है,और कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों को फिल्म के जरिए दर्शाने पर अतिरिक्त 5 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर की फिल्मों को भी विभिन्न श्रेणियों में अनुदान दिया जाता है,उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी वंशीधर तिवारी ने कहा कि स्थानीय भाषा की फिल्मों को अब OTT प्लेटफार्म पर ले जाया जाएगा जिसके लिए प्रसार भारती के वेव्स OTT से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।राज्य में एकल स्क्रीन सिनेमा हॉल की स्थापना के लिए 25 लाख रुपए की एकमुश्त सब्सिडी की व्यवस्था की गई है जिसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमाहॉल की संख्या बढ़ाना है।
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एकदिवसीय कार्यशाला में उत्तराखंड में फिल्म निर्माण से जुड़े कई तथ्यों पर मंथन किया गया ,साथ ही नियमित कार्यशालाओं का आयोजन कर स्थानीय कौशल को बढ़ाया जाएगा ,कार्यक्रम में निदेशक फिल्म,सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय शिल्पी रावत ने कहा कि भारत को वैश्विक सिनेमा के हब के रूप में स्थापित करने के लिए गुणवत्ता पूर्ण कंटेट,प्रतिभा और तकनीक को बढ़ावा देना आवश्यक है।UFDC के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिन उपाध्याय ‘ प्रतिभा ,प्रशिक्षण और तकनीक को उत्तराखंड के फिल्म निर्माण मॉडल बताते हुए कहा कि हम केवल बाहरी निर्माताओं को ही नहीं बल्कि स्थानीय कहानीकारों और तकनीशियनों को भी मंच देना चाहते हैं जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊर्जा मिले।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी जिनमें प्रमुख रूप से शिल्पा राव (निदेशक फिल्म्स , सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय),अजय धोके (महाप्रबंधक, एनएफडीसी),आशिष कुमार त्रिपाठी अपर निदेशक सूचना,श्रुति राजकुमार (उपाध्यक्ष एवं प्रमुख, इंडिया सिने हब), मयूर पटेल (प्रबंधक, फिल्म बाजार, एनएफडीसी),नचिकेत शिरोलकर (सलाहकार, अंतरराष्ट्रीय प्रचार एवं फिल्म महोत्सव, एनएफडीसी),अभय कुमार (प्रोजेक्ट मैनेजर, यूनीकॉप्स) सहित उत्तराखंड फिल्म जगत से प्रदीप भंडारी,कांता प्रसाद ,अनुज जोशी ,विजय भारती,अमित वी कपूर ,रेनू भारती मौजूद रहे।


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