Garhwali Short Film Review- ढाकर शार्ट फिल्म दिला रही पूर्वजों के संघर्षों की याद,फ्लैशबैक देख दर्शक हो रहे भावुक।

0
1011

आज हम लोग कितना अच्छा जीवन जी रहे हैं सारी दुनिया हमारी मुट्ठी में है,देश विदेश में बैठे किसी परिजन से आमने सामने बात हो जाती है,घर में दाल चीनी ख़त्म हो जाए तो फोन उठाया और 10 मिनट में सामान आपके घर पर पहुँच जाता है,कपडे लेने हों तो किसी दुकान पर जाने की जरुरत नहीं सीधे फोन से घर बैठे मँगाओ ऐसे ही बहुत सारी चींजे आसानी सी उपलब्ध हो जाती हैं,खाना ,दवाई से लेकर चंद मिनटों में हमारे पास पहुँच जाता है।लेकिन आज से करीब 8 दशक पहले
की बात करें तो इसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि हमें घर बैठे सब कुछ मिलेगा,उत्तराखंड में एक शार्ट फिल्म रिलीज़ हुई जिसका नाम है ‘ढाकर ‘ जो हमें आज अपने पूर्वजों के संघर्षों की याद दिला रही है।

पढ़ें यह खबर : संदीप सोनू के लिए लकी चार्म बनी भावना चुफाल, नया वीडियो बटोर रहा सुर्खियां।

शिवाय म्यूजिक के बैनर तले ‘ढाकर ‘ शार्ट फिल्म रिलीज़ हुई है जिसमें दिखाया गया है कि जब पहाड़ों में सड़क मार्ग नहीं था परिवहन का कोई साधन नहीं था तो जाहिर सी बात है जरुरत की चीजों के लिए गांव से करीब 200,300 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था और आर्थिक रूप से भी तब कोई इतना संपन्न नहीं था जो भी घर गाँव में उगता उसी को बाजार में बेचकर अपनी जरुरत की चीजें लाई जाती थी और सामान के बदले गुड़ और नमक जैसी चीजें ली जाती थी।

पढ़ें यह खबर : वीर योद्धा अभिमन्यु कैसे बना बद्रीनाथ का द्वारपाल,विनोद बिजल्वाण ने सुनाई पूरी गाथा।

पौने घंटे की ये फिल्म हमें अपने पूर्वजों के संघर्षों की याद दिलाती है कि कैसे जब संसाधन इतने नहीं थे तब उन्होंने कितनी मुश्किलों से अपना परिवार चलाया होगा और मूलभूत चीजों गुड़ ,नमक ,तेल, कपड़ों के लिए महीनों-महीनों का इंतजार होता होगा।’ढाकर’ शार्ट फिल्म गढ़वाली में बनाई गई है और इसमें उत्तराखंड के कई प्रतिभावान कलाकारों ने अभिनय किया है।

पढ़ें यह खबर : इस कुमाउनी गीत में दिखी प्रेम और विरह की अद्भुत झलक,यहाँ देखिए पूरा वीडियो।

ढाकर शार्ट फिल्म में हर्षपति रयाल, राजेश नौगाईं ,दिगंबर कठैत ,प्रशांत गगोड़िया, महेंद्र नवानि ,नताशा शाह,बिनीता नेगी जैसे कई कलाकार हैं जिन्होंने अपने अभिनय से उन यादों को ताजा किया,शार्ट फिल्म में वीरेंद्र पंवार ने बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार किया है,फिल्म की कहानी राजेंद्र स्नेही ने लिखी है और अरुण फरासी ने संवाद एवं निर्देशन का जिम्मा बखूबी निभाया है।

पढ़ें यह खबर : शराब ना खराब कहने वालों को एक बार ये वीडियो जरूर देखनी चाहिए ,सिंगिंग एक्टिंग लाजवाब।

ढाकर शार्ट फिल्म में गढ़गायक वीरेंद्र राजपूत का गीत ‘बिजी गेन खोली का गणेश ‘ वीरेंद्र पंवार और अंजलि खरे का शीर्षक गीत ‘ढाकर’ और पदमश्री प्रीतम भरतवाण का जागर ‘उदि बुदी रौत ‘ है शार्ट फिल्म को देवेंद्र नेगी ने फिल्माया है और नागेंद्र प्रसाद ने इसका संपादन किया है,इसके जरिए ढाकर और ढाकरियों के जीवन को दर्शाया गया है।

अगर आपने भी ढाकर के बारे में अपने दादा-दादी से सुना है तो उसे इस फिल्म के जरिए समझ सकते हैं।

यहाँ देखिए ढाकर शार्ट फिल्म।

उत्तराखंड फिल्म एवं संगीत जगत की सभी ख़बरों को विस्तार से देखने के लिए हिली न्यूज़ को यूट्यूब पर सब्सक्राइब करें।