उत्तराखंड के चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी, अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट

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उत्तराखंड (Uttarakhand) के 4 जिलों में अगले 24 घंटों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है. यहां 3000 मीटर से ऊपरी इलाकों में एवलांच का खतरा बताया जा रहा है. इन जिलों में चमोली, पिथौरागढ़ ,रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के नाम शामिल हैं. इसी के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है. वहीं अलर्ट को देखते हुए एक हेलीकॉप्टर भी स्टैंड बाय पर रखा गया है, जिससे लोगों को आसानी से राहत साम्रगी पहुंचाई जा सके l 

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जोशीमठ में भू-धंसाव का दंश झेल रहे उत्तराखंड के लिए अब नई मुश्किल आन पड़ी है. अब हिमस्खलन के खतरे का असर जोशीमठ में भी पड़ सकता है. जोशीमठ में भू-धंसाव के चलते लोगों को विस्थापित किया जा रहा है. हालात बदतर होते जा रहे हैं. हालांकि सरकार लोगों की मदद करने का लगातार आश्वासन दे रही है l

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इन 4 जिलों में एवलांच का खतर

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक चमोली, पिथौरागढ़ ,रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में अगले 24 घंटों में 3000 मीटर से ऊपर इलाकों में एवलांच आ सकता है. इसी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने चारों जिलों के जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों के लिए अलर्ट जारी किया है. इसी के साथ यहां निचले इलाकों पर भी पूरा खतरा बना हुआ है l

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करीना भट्ट एक अनुभवी और समर्पित मीडिया पेशेवर एवं लेखिका हैं, जो वर्ष 2021 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में परास्नातक (एम.ए.) भी किया है। करीना समाज, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर अपने विश्लेषणात्मक लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी विशेषता केवल खबरों को लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक दक्ष वक्ता भी हैं, जो समाचार प्रस्तुति, रिपोर्टिंग और विचारशील संवाद में भी समान रूप से निपुण हैं। लेखन और वाचन—दोनों माध्यमों में उनकी सशक्त पकड़ उन्हें एक बहुआयामी पत्रकार बनाती है। उनकी लेखनी में न केवल विषय की गहराई होती है, बल्कि सामाजिक सरोकारों की सूक्ष्म समझ और मानवीय दृष्टिकोण भी परिलक्षित होता है। वे आज के बदलते मीडिया परिदृश्य में एक सशक्त और विचारशील आवाज़ के रूप में उभर रही हैं।