चमोली: भूस्खलन से एरेठा गांव का पैदल मार्ग बना जानलेवा, ग्रामीणों ने की तत्काल सुरक्षा कार्य की मांग

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देवाल (चमोली)। लगातार हो रही बारिश के बीच चमोली जिले के विकासखंड देवाल की ग्राम पंचायत ओडर अंतर्गत एरेठा बाउल्य तोक से देवशाली झूला पुल होते हुए एरेठा गांव को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भूस्खलन की चपेट में आ गया है। पहाड़ी से लगातार भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण यह मार्ग ग्रामीणों के लिए बेहद जोखिम भरा बन गया है।

ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि यह पैदल मार्ग एरेठा गांव के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण आवागमन एक बड़ी समस्या बन गया है। पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। हाल ही में ऊपर से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक व्यक्ति के पैर में चोट भी लग चुकी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

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सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।

इसी बीच विकासखंड देवाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत ऐरठा के कनबनी तोक में भी पहाड़ी से लगातार मलवा और बोल्डर गिरने के कारण ऐरठा गांव और गांव के विद्यालय का आम रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। बरसात के चलते स्थिति और गंभीर हो गई है। रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को देवसारी गांव के रास्ते करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।

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दूरभाष पर हुई बातचीत में सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार टम्टा ने बताया कि ऐरठा-ऑर्डर-लिंगड़ी-कफलखेत मोटरमार्ग (14 किलोमीटर) की लंबे समय से मांग की जा रही है। सड़क का सर्वे होने के बाद जाब पिलर भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों को पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। रास्ता बंद होने के कारण विकासखंड मुख्यालय से गांव का संपर्क भी पूरी तरह कट गया है।

उन्होंने बताया कि कनबनी क्षेत्र में मलवा और बोल्डर गिरने के कारण बीते दिन सुबह करीब 10 बजे ओम राम टम्टा के पैर में भी चोट लग गई। ऐरठा गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है, जहां करीब 60 से अधिक परिवार और 300 से अधिक की आबादी निवास करती है।

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ग्राम प्रधान प्रेमा देवी, नंदन राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य खिमुली देवी, रमेश राम, कुंदन राम, पूर्व प्रधान मदन राम सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क और मार्ग की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा कार्य कराए जाएं, मलबा हटाया जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित हो सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।