30 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है, और इस अवसर पर श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए यात्रा ब्रॉशर और कैलेंडर का प्रकाशन किया है, जो आठ प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध होंगे। समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा की तैयारी पूरी हो चुकी है और इसे लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस बार यात्रा की प्रक्रिया को और भी सुगम बनाने के लिए अनेक पहलुओं पर ध्यान दिया गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अगुवाई और सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे के निर्देशन में हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, बंगाली, मराठी, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम जैसी भाषाओं में ब्रॉशर तैयार किए गए हैं। इन ब्रॉशरों के माध्यम से तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड के चार प्रमुख धाम – बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, साथ ही पंच बदरी, पंच केदार और बदरीनाथ धाम से जुड़ी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा, शीतकालीन यात्रा स्थलों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है, ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा को सुगम और जानकारीपूर्ण बना सकें।
2025 में चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया (30 अप्रैल 2025) से होने जा रही है, और इस दिन से भक्त गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के द्वार 2 मई 2025 को सुबह 7 बजे खुलेंगे, और बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई 2025 को खुलेंगे।
इस यात्रा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें:
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: 15 अप्रैल 2025 से यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह सुविधा यात्रियों को यात्रा के पहले रजिस्टर होने की अनुमति देगी, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ से बचा जा सके।
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रील बनाने पर प्रतिबंध: बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में इस बार मंदिर परिसर के अंदर रील (Reels) या वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह कदम मंदिरों की पवित्रता और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थानों पर श्रद्धा और सम्मान के साथ पूजा अर्चना करने की सलाह दी गई है।


