
नई दिल्ली। देश की राजनीति में तेजी से चर्चा बटोर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिया है कि वे CJP की गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय NEET और CBSE से जुड़े छात्र हितों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। कांग्रेस का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और छात्रों की परेशानियों को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार को घेरा जाना चाहिए।
चंपावत में बड़ा हादसा टला, ब्रेक फेल बस को बचाते हुए चालक ने दी जान
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अगले दो सप्ताह तक NEET और CBSE से जुड़े मामलों को लेकर देशभर में विरोध कार्यक्रम चला सकती है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रबंधन में लगातार हो रही खामियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी कारण संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे किसी नए राजनीतिक या सोशल मीडिया आंदोलन के बजाय छात्रों के मुद्दों पर फोकस बनाए रखें।
उत्तरकाशी ट्रेकिंग पर गई MBA छात्रा लापता, दो साथियों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह 6 जून को अमेरिका से भारत लौटेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू करेंगे। दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों और छात्रों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
दीपके का कहना है कि NEET सहित विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उनका दावा है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चलाया जाएगा। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना भी साझा की है। (
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई CJP ने युवाओं के बीच बड़ी पहचान बनाई है। हालांकि कांग्रेस फिलहाल इस संगठन के साथ सीधे टकराव से बचते हुए शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में छात्रों से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रह सकते हैं।





