दिल्ली में इंडियन यूथ कांग्रेस की ओर से रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च का कार्यक्रम रखा गया है। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है।
यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों में कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6 और मतदाता डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।
SIR Controversy
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वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तुलना करते हुए SIR और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई थी, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया से नए मतदाताओं के पंजीकरण में परेशानी हो रही है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेदों को निर्णय प्रक्रिया में असामान्य स्थिति मानने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि अलग-अलग विचार और सुझाव संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं और SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से तथा कानून के अनुसार लिए गए हैं।
फिलहाल SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है और आज होने वाले प्रदर्शनों पर सभी की नजर है।
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