फिल्म लेखक ने पलायन पर बनाई एक मनमोहक कविता ,जानें क्या है इसमें ख़ास

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फिल्म लेखक ने पलायन पर बनाई एक मनमोहक कविता, जानें क्या है इसमें ख़ास

आये दिन पलायन को लेके कोई न कोई बात विवाद होता ही रहता है जिसमें बड़े बड़े नेता अक्सर भाषण बाजी करते हुए दिखाई देते हैं साथ ही कई सारे संस्कृति प्रेमी भी पलायन के ऊपर कुछ न कुछ अपने व्याख्यान करते रहते हैं लेकिन देखा जाए तो पलायन के ऊपर ज्यादा बात करने वाले वही लोग हैं जो खुद ही पलायन कर चुके हैं और वही लोग पलायन रोकने की बात करते हैं इन्हीं लोगों पर कटाक्ष करते हुए उफ़्तारा के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने पलायन पर एक बेहतरीन मनमोहक कविता बनाई है जो pb films के यूट्यूब चैनल पर आपको मिल जाएगी।

palayan Ki Baat

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आपको बता दें कि इस कविता में प्रदीप भंडारी ने पलायन को मुद्दा बनाया है। जिसका शीर्षक है “मेरा गौं की पलायन की बात चनी च “.कविता में उन्होंने पहाड़ की व्यथा, राजनेतावों की कथनी – करनी और देहरादून में सिमटते उत्तराखंड की कहानी को बताया है कविता की मुख्य बात यह है की इसे गढ़वाली बोली भाषा में बनाई गयी है। इस कविता में प्रदीप भंडारी ने उत्तराखंड के हर व्यथा को और मौजूदा चुनौतियों को छुवा है। साथ ही आपको इस कविता में उत्तराखंड के बहुत सारे ज्वलंत मुद्दों के बारे में भी सुनने को मिलेगा

palayan Ki Baat

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कविता के इस वीडियो में बीच -बीच में कई सारे अखबार की कटिंग्स भी आपको देखने को मिलेंगी जिनमें कई सारी खबरें छपी हुयी है और साथ ही गांव के कईं विज़ुअल सीन भी आपको इसमें देखने को मिलेंगे कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रदीप भंडारी ने सबूतों के साथ इस कविता का व्याख्यान किया है। जिसे आप नीचे दिए लिंक के माध्यम से देख व सुन सकते हैं।

https://youtu.be/q0cQfhg-QTM