देहरादून। उत्तराखण्ड फिल्म टेलीविजन एण्ड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) के पदाधिकारियों ने महानिदेशक सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी, महासचिव कांता प्रसाद, उपाध्यक्ष अमरदेव गोदियाल एवं सदस्य कमलेश भण्डारी ने संयुक्त रूप से श्री तिवारी को ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न सुझाव रखे।
इस दौरान बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 लागू की गई है। सरकार का उद्देश्य स्थानीय फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है। उन्होंने बताया कि स्थानीय बोली-भाषा की फिल्मों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्म नीति का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया, जिनमें 14 फिल्में स्थानीय बोली-भाषा की हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों से प्राप्त सुझावों पर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी। उफतारा की मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि परिषद आगामी अक्टूबर माह में फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करेगी। साथ ही जल्द ही फिल्म बोर्ड के लिए अलग कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा।
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बाद में उफतारा प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी नितिन उपाध्याय से भी मुलाकात की। उन्होंने नव निर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए संगठन के सुझावों पर विस्तार से चर्चा की और विभाग द्वारा फिल्म उद्योग के उत्थान हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
उफतारा अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी ने कहा कि वर्तमान कार्यकाल में स्थानीय फिल्म निर्माता और निर्देशकों को प्रोत्साहन मिला है तथा राज्य सरकार की फिल्म नीति की देशभर में सराहना हो रही है। ज्ञापन में संगठन ने फिल्म बोर्ड में गैर-सरकारी सदस्यों की शीघ्र नियुक्ति, फिल्म बोर्ड के लिए अलग कार्यालय, अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता, क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए फिल्म क्विज एवं टैलेंट हंट कार्यक्रम आयोजित करने तथा स्थानीय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित फिल्मों को अनुदान या प्रायोजन देने की मांग की।
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इसके अलावा संगठन ने उत्तराखण्ड दूरदर्शन पर सप्ताह में दो बार स्थानीय फिल्मों के प्रसारण और फिल्म निर्माताओं को रॉयल्टी दिए जाने की मांग भी उठाई। इससे पूर्व उफतारा प्रतिनिधिमंडल ने दूरदर्शन देहरादून में कार्यक्रम अधिशासी नरेन्द्र सिंह रावत से भी मुलाकात की। संगठन ने उत्तराखण्ड की आंचलिक फिल्मों को रॉयल्टी के आधार पर प्रसारित किए जाने की मांग रखी, जिस पर श्री रावत ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए मांग पत्र दिल्ली मुख्यालय भेजने की बात कही।
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उधर, उफतारा प्रतिनिधिमंडल ने संस्कृति निदेशालय पहुंचकर प्रदेश के वरिष्ठ कलाकारों की लंबित पेंशन शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई। संगठन के अनुसार करीब 70 बुजुर्ग कलाकारों के पेंशन आवेदन वर्षों से लंबित हैं, जिनमें 95 वर्ष तक की आयु के कलाकार शामिल हैं।


