Fwan Bagha Re
उत्तराखंड संगीत जगत में एक के बाद एक नए गीत रिलीज होते है| कुछ गीतों का दौर चला जाता है, लेकिन कुछ गीत दर्शको के जुबान पर हमेशा के लिए बस जाते है | ऐसा ही एक गीत जो आजकल सिर्फ उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि पुरे देश में वायरल हो रहा है, जिस गीत के बोल है ”फ्वा बाघा रे ”ये एक वो गीत है जिसके ऑडियो ने ही पूरे संगीत जगत में अपना परचम लहरा दिया | इस गीत को स्वर्गीय पप्पू कार्की ने गाया था | उनके देहांत के बाद इस गीत के ऑडियो को नीलम कैसिट ने रिलीज किया जोकि रिलीज होते है ही वायरल हो गया | कही न कही इसके वायरल होने कारण पप्पू कार्की के साथ जुडी दर्शको की भावनाये थी |
कैंसर के इलाज से ऋषि कपूर इंडिया वापिस आये, अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर किया ट्वीट
आपको बता दें की दरसल यह गीत मूल रूप से चंद्र सिंह राही ने पहली बार गाया था | उनसे जब इस गीत के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने इसके पीछे छुपे एक बड़े ही रोचक किस्से को सबके सामने बखान किया था | उन्होंने कहा था की इस गीत की खोज का विषय बड़ा दिलचस्प है और जिसका विवरण हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे है |
सुण सरू गढ़वाली विडियो रिलीज, नये कलाकारों को मिला काम करने का मौका
आपको बता दें कि कोटद्वार के रेलवे स्टेशन पर एक सूरदास जो की भीख मांगते थे और साथ ही गीत भी गाते थे | उनका नाम झोग्गी था |1984 में राही जी की मुलाकात उस भिखारी से हुई थी | राही जी ने जब उनसे पूछा की आजकल गढ़वाल में क्या हो रहा है तो उसने कहा की गढ़वाल में तो आजकल एमरजेंसी लगी है, लेकिन गढ़वाल में एक पक्की बात हो रही है| राही जी ने पूछा भई कौनसी बात तब उसने कहा की गढ़वाल में आजकल बाग़ लगा है बाग़ वही लैंसडोन के आसपास | वही से यह गीत आया था | दरसल गढ़वाल और कुमाऊं में जब बाघ का आंतक होता है तो उसे बाग़ लगा है कहा जाता है | राही जी ने अपने दृष्टिकोण से उस झोग्गी को सूरदास कहा | राही जी के इस रोचक किस्से का विवरण नीलम कैसिट में भी उपलब्ध है |
Fwan Bagha Re
सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर बिना खाता खोले ही हुए आउट। सोशल मीडिया पर बन रहा मज़ाक
सीमा रावत की रिपोर्ट







