कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट पर जोरदार हमला बोला है। बिना नाम लिए हुए उन्होंने उदाहरण के जरिए कहा कि “बंदर के सिर पर टोपी रख दी, तो वह इतराने लगे हैं।” यह टिप्पणी उन्होंने भट्ट के हालिया बयानों और कार्यप्रणाली पर की, जिससे भाजपा नेताओं को निशाने पर लिया गया।
इन दिनों उत्तराखण्ड से राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट सुर्खियों में हैं। चाहे वह उनके विवादास्पद बयानों का मामला हो या फिर नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की बात, महेन्द्र भट्ट इन दिनों सोशल मीडिया और राष्ट्रीय मीडिया में छाए हुए हैं। उनके बयानों को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेता लगातार उन पर निशाना साध रहे हैं। इसी सिलसिले में अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने महेन्द्र भट्ट पर तीखा प्रहार किया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि महेन्द्र भट्ट की स्थिति ठीक वैसी है, जैसे अगर किसी बंदर के सिर पर टोपी रख दी जाए तो वह इतराने लगे। उन्होंने आगे कहा कि भट्ट को बिना किसी संघर्ष के बड़े पदों पर नियुक्त किया गया है, और अब उनकी स्थिति ऐसी है कि वह उनका सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। उनके व्यवहार से ऐसा लगता है जैसे वह किसी छोटे नेता की तरह काम कर रहे हों।
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अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए हरक सिंह रावत ने बताया कि 1992 में जब वह 27 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बने, तो सचिव स्तर के अधिकारी उन्हें ‘सर-सर’ कहकर संबोधित करने लगे। इस पर उनका दिमाग भी थोड़ा प्रभावित हुआ, लेकिन जब सरकार गिर गई, तो उन्होंने महसूस किया कि यह सम्मान सिर्फ मंत्री पद का था। उन्होंने कहा कि मंत्री रहते हुए उन्हें सम्मान मिलता था, लेकिन सरकार गिरने के बाद ड्राइवर भी छोड़ गया और उन्हें टैक्सी से घर जाना पड़ा। इस अनुभव के बाद उन्होंने समझा कि यह सब क्षणिक होता है। रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट और उत्तराखंड के मंत्रियों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे बंदर के सिर पर टोपी रखने से वह इतराने लगता है, वैसे ही इन नेताओं का भी हाल है।


