उत्तराखंड में छाया शाश्वत का ”कालू चश्मा ”

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Kaalu Chashma

उत्तराखंड के कलाकार किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है | अगर बात संगीत जगत की करे तो हर दिन संगीत कलाकार कुछ न कुछ नया पेश करने की कोशिश करते है और कुछ ऐसा ही नयापन देखने को मिला है शाश्वत पंडित के नए गीत ”कालू चश्मा ” में। आपको बता दें की संगीत प्रेमी शाश्वत पंडित ने अभी हाल ही में अपना एक गीत रिलीज किया जिसके बोल है ”आंख्युं मा लगायु कालू चश्मा ” इस गीत को शाश्वत ने ही लिखा और गाया है | इस गीत में दिव्या नेगी और शाश्वत अभिनय करते नजर आये।

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गीत के नाम में ही एक नयापन देखने को मिलता है तो गाने में नयापन तो होगा ही | इस गीत में यह दर्शाया गया है की किस तरह पहाड़ से शहर में आने के बाद एक लड़की खुद को शहरी परिवेश में ढालने की कोशिश करती है लेकिन अपनी बोली भाषा को वो छोड़ नहीं पाती | साथ ही इसमें दिलचस्प चीज यह भी है की इस गाने में हिंदी लाइने भी शामिल है।
Kaalu Chashma

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वीडियो को बड़े ही मजेदार तरिके से प्रस्तुत किया गया है| लेकिन अगर गौर किया जाये इस गाने के सार पर तो एक संदेश भी शाश्वत पंडित दर्शको को देना चाहते है की सिर्फ गढ़वाली बोली बोलने से या पहनावे से ही संस्कृति की पहचान नहीं होती बल्कि संस्कृति को अपने दिलो में जिन्दां रखना बेहद जरूरी है | आपको बता दे की शाश्वत बचपन से ही संगीत प्रेमी रहे है लेकिन वो यह नहीं जानते थे की एक दिन वो इतने अच्छे कलाकार के रूप में सबके सामने प्रस्तुत होंगे|

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आपको बता दें की शाश्वत 11 इंस्टूमेंट बजाना जानते है और इसी रूचि की वजह से वो दून इंटरनेशनल स्कूल में संगीत शिक्षक है | छात्रों को संगीत के साथ साथ ज्ञान से जोड़ने का काम भी करते है शाश्वत | संगीत के प्रति जूनून ने शाश्वत को एक नई पहचान दी है और यही कारण है की संगीत जगत में उनका नाम सत्य शाश्वत है |

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शाश्वत पंडित ने अपने इस गीत में वो कर दिखाया जो हर कलाकर नहीं कर पता है | सच्चाई को संगीत से जोड़ना और बिना किसी दिखावे के संस्कृति को अपने दिलो में जिन्दा रखना शाश्वत की यह कला काबिले तारीफ़ है | इस गीत को दर्शको का प्यार तो मिल ही रहा है साथ ही दर्शको को ये नयापन बहुत भा रहा है |
आप भी देखे इस गीत को

सीमा रावत की रिपोर्ट

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