उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को एक बार फिर नई पहचान दिलाने आया है गढ़वाली गीत “सुहागन”, जो इन दिनों सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस खूबसूरत गीत को अपनी मधुर आवाज से सजाया है Rameshwar Gairola और Pramila Chamoli ने, जिन्हें उत्तराखंड की लोकधुनों का “मेलोडी किंग” माना जाता है।
“सुहागन” गीत पारंपरिक गढ़वाली संस्कृति, खासकर शादी-ब्याह की भावनाओं और रस्मों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। गीत के बोल और संगीत श्रोताओं को पहाड़ की सादगी और भावनात्मक जुड़ाव का एहसास कराते हैं। इस गीत को लिखा और कंपोज किया है संतोष गौर (लेखवार) ने, जबकि म्यूजिक अरेंज और मिक्सिंग का काम खुद रमेश्वर गैरोला ने संभाला है।
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गीत में सुभाष पांडे की रिदम और विकास कुमार की रिकॉर्डिंग ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है। “Himadri Film’s Record” के बैनर तले तैयार यह गीत दर्शकों के बीच खासा पसंद किया जा रहा है।
स्थानीय दर्शकों के साथ-साथ प्रवासी उत्तराखंडी भी इस गीत को खूब सराह रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस गीत को शेयर कर रहे हैं और कलाकारों की तारीफ कर रहे हैं। खास बात यह है कि “सुहागन” सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और भावनाओं का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
हिली न्यूज़ की नजर में, ऐसे गीत ना केवल मनोरंजन करते हैं बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा भी देते हैं। “सुहागन” ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गढ़वाली संगीत आज भी दिलों पर राज करता है।
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