धामी सरकार की मेहनत या प्रचार? जानिए किन चैनलों पर खर्च हुए करोड़ों रुपये
उत्तराखंड सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद संभालने के बाद से विकास, निवेश, और जनकल्याण के मोर्चे पर लगातार काम किया है। सड़कों से लेकर स्कूलों तक, पर्यटन से लेकर उद्योगों तक हर क्षेत्र में योजनाएँ लागू की जा रही हैं। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि इतनी मेहनत के बावजूद क्या जनता तक सरकार की बात पहुँच पा रही है? अब खबर आ रही है कि सोशल मीडिया के ज़माने में प्रदेश की भोले भली जनता के टैक्स का पैसा पानी की तरह इन योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए बहाया जा रहा है |
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने अपने काम और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन जारी किए हैं, ताकि राज्य के हर कोने तक सरकार की उपलब्धियाँ दिखाई जा सकें। नीचे दी गई सूची उन्हीं चैनलों की है जिन्हें विज्ञापन बजट के तहत सबसे अधिक राशि दी गई—
| चैनल | विज्ञापन राशि (₹ करोड़) |
|---|---|
| इंडिया वॉइस | 8.38 |
| स्वराज एक्सप्रेस | 8.50 |
| चढ़ती कला टाइम्स | 8.67 |
| न्यूज़ स्टेट उत्तराखंड/उत्तर प्रदेश | 8.81 |
| टीवी 100 | 8.90 |
| साधना प्लस न्यूज़ | 9.70 |
| network 10 | 12.81 |
| न्यूज़ 18 उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड | 12.94 |
| न्यूज़ इंडिया | 13.52 |
| दूरदर्शन उत्तराखंड | 31.66 |
यह आँकड़े वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक के बीच के बताए जा रहे हैं।
न्यूज़ लॉन्ड्री के पत्रकार बसंत कुमार के अनुसार सूचना के अधिकार से जुताई गयी जानकारी की बात करें तो तो यह जानना जरूरी है कि ये आंकड़े 2021 से लेकर 2025 तक के हैं, इस दौरान शुरुवाती 3 महीनों तक मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत रहे थे | बाकी तबसे अब तक कुर्सी पर पुष्कर सिंह धामी बने हुए हैं | हालाँकि, विपक्ष का कहना है कि इतनी बड़ी राशि जनता की भलाई की जगह प्रचार में खर्च की जा रही है।
अब सवाल यह है कि क्या इन करोड़ों रुपये के विज्ञापनों से सच में जनता तक सरकार का संदेश पहुँचा? या फिर यह केवल प्रचार-नीति बनकर रह गया?
जनता का निर्णय ही तय करेगा कि धामी जी की यह रणनीति “मेहनत का प्रचार” थी या “प्रचार की मेहनत”।
📍 देहरादून, उत्तराखंड








