Sonu Nigam Birthday: सुरों के बेताज बादशाह सोनू निगम का जन्मदिन आज, जानें ‘रफ़ी के क्लोन’ से ‘पद्म श्री’ बनने का सफर
Sonu Nigam Birthday Special: भारतीय संगीत जगत के सबसे वर्सेटाइल और सुरीले गायकों में शुमार सोनू निगम आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं! 90 के दशक से लेकर आज के दौर तक, सोनू निगम की आवाज़ ने हर पीढ़ी के दिल को छुआ है। चाहे देशभक्ति का जज्बा जगाना हो, टूटे दिल को सहलाना हो या फिर पार्टी का माहौल बनाना हो—सोनू निगम की आवाज़ हर मूड में बिल्कुल फिट बैठती है।
उनके इस खास दिन पर आइए जानते हैं उनके जीवन के कुछ दिलचस्प किस्से, संघर्ष की कहानी और वो अनसुनी बातें जिन्होंने उन्हें ‘सुरों का जादूगर’ बनाया।
4 साल की उम्र में पहली स्टेज परफॉर्मेंस
30 जुलाई को हरियाणा के फरीदाबाद में जन्मे सोनू निगम के घर में बचपन से ही संगीत का माहौल था। उनके पिता अगम कुमार निगम भी एक बेहतरीन गायक थे। सोनू निगम ने महज 4 साल की उम्र में पहली बार स्टेज पर कदम रखा। उन्होंने अपने पिता के साथ मंच पर मोहम्मद रफ़ी का मशहूर गाना “क्या हुआ तेरा वादा” गाया था। यहीं से तय हो गया था कि यह बच्चा आने वाले समय में संगीत की दुनिया पर राज करेगा।
जब मुंबई में मिला ‘रफ़ी का क्लोन’ होने का ताना –
19 साल की उम्र में सोनू निगम गायक बनने का सपना लेकर मुंबई नगरी पहुंचे। शुरुआत में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। उस दौर में लोग उन्हें टी-सीरीज के लिए मोहम्मद रफ़ी के गानों के कवर वर्जन गाने के लिए जानते थे। इस वजह से कई संगीतकारों ने उन्हें यह कहकर रिजेक्ट कर दिया कि “तुम्हारी आवाज़ में रफ़ी साहब की झलक है, तुम्हारी अपनी कोई पहचान नहीं है।”
लेकिन सोनू निगम ने हार नहीं मानी। साल 1995 में टीवी के मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ को होस्ट करने का मौका मिला। इस शो ने सोनू को घर-घर में पहचान दिलाई।
‘संदेशे आते हैं’ ने रातों-रात बदला करियर
सोनू निगम के करियर में असली यू-टर्न साल 1997 में आई फिल्म बॉर्डर से आया। अनु मलिक के संगीत में गाया गया गाना “संदेशे आते हैं” ब्लॉकबस्टर साबित हुआ। इस 10 मिनट लंबे गाने ने सोनू निगम को रातों-रात स्टार बना दिया और उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक स्वतंत्र गायक के रूप में स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सोनू निगम के 5 सबसे यादगार गाने जो हर प्लेलिस्ट में हैं:
- संदेशे आते हैं (बॉर्डर): देशभक्ति और अपनों से दूर होने के दर्द को बयां करता आइकॉनिक गाना।
- दीवाना तेरा (एल्बम- दीवाना): 90 के दशक के हर आशिक का पसंदीदा पॉप एंथम।
- कल हो ना हो (कल हो ना हो): जिंदगी जीने का सलीका सिखाती एक अमर आवाज़।
- तन्हाई (दिल चाहता है): टूटे हुए दिल के दर्द को सबसे खूबसूरती से बयां करने वाला गाना।
- अभी मुझमें कहीं (अग्निपथ): इस गाने के लिए सोनू निगम को नेशनल अवॉर्ड भी मिला।
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भेष बदलकर मुंबई की सड़कों पर बने भिखारी
सोनू निगम के जीवन का एक सबसे मशहूर किस्सा है उनका ‘रोडसाइड उस्ताद’ एक्सपेरिमेंट। एक बार सोनू निगम ने मेकअप और फटे-पुराने कपड़ों के जरिए अपना भेष पूरी तरह बदल लिया और मुंबई की सड़कों पर एक हारमोनियम लेकर भिखारी की तरह गाना गाने लगे। लोग उनकी आवाज़ से इतने प्रभावित हुए कि कई लोग रुककर उनका गाना सुनने लगे। एक लड़के ने तो उन्हें नाश्ता करने के लिए 12 रुपये भी दिए थे, जिसे सोनू ने आज भी फ्रेम करवाकर अपने पास रखा है। वह देखना चाहते थे कि लोग बिना उनकी पहचान के उनकी कला को कितना प्यार करते हैं।
हॉलीवुड फिल्मों में डबिंग और पद्म श्री का सम्मान
सोनू निगम सिर्फ एक बेहतरीन गायक ही नहीं, बल्कि एक शानदार मिमिक्री आर्टिस्ट और वॉयस-ओवर आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘अलादीन’ (Aladdin) के हिंदी वर्जन में लीड कैरेक्टर अलादीन के लिए अपनी आवाज़ (डबिंग) दी थी। भारतीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से भी नवाज चुकी है।
आज सुरों के इस बेताज बादशाह के जन्मदिन पर देश और दुनिया से उनके करोड़ों फैंस उन्हें बधाई दे रहे हैं। हमारी टीम की ओर से भी सोनू निगम को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं!








