प्रदेश में हाल के कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन और मौसम पैटर्न में बदलाव के कारण बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इस बार भी उत्तराखंड में मैदान से लेकर पहाड़ तक गर्मी का प्रकोप बढ़ सकता है।
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मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मार्च के अंत तक प्रदेश भर में तापमान में वृद्धि होगी और अप्रैल के पहले सप्ताह में गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। आंकड़ों के अनुसार, दून का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री बढ़कर 31.5 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री ज्यादा 15.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी यही स्थिति रही। पहाड़ी इलाकों में मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 22.7 डिग्री रहा। इस प्रकार, चटक धूप से मैदान से लेकर पहाड़ों तक गर्मी का असर साफ महसूस होने लगा है।
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आने वाले दिनों में, 29 मार्च तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पिछले कुछ सालों में जलवायु परिवर्तन और मौसम पैटर्न में बदलाव का असर हर मौसम पर पड़ा है। मार्च महीने में कम बारिश होने के कारण गर्मी का बढ़ना एक प्रमुख कारण है, क्योंकि इस महीने में अब तक केवल 25 फीसदी बारिश हुई है।


