प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों का खुलासा

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वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 25 वर्षीय दीपक की मौत 25 सितंबर 2026 को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दीपक के शरीर पर सिर, चेहरे, पैर, पसलियों और फेफड़े समेत कई हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गईं। सिर के पिछले हिस्से में चोट के साथ खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर और खून का थक्का मिला। सिर के घाव पर 14 टांके लगे होने का भी उल्लेख रिपोर्ट में है।

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रिपोर्ट में छाती की बाईं ओर पांचवीं से आठवीं पसली में फ्रैक्चर और बाएं फेफड़े को नुकसान का जिक्र है। इसके अलावा शरीर के निजी अंग से जुड़ी गंभीर चोट भी पोस्टमार्टम में दर्ज की गई है। इस बिंदु को लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है कि चोट किन परिस्थितियों में लगी और उस पर टांके कब लगाए गए।

पोस्टमार्टम में हेमोरेजिक शॉक यानी अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उत्पन्न शॉक को मौत का कारण बताया गया है। इसका मतलब है कि गंभीर चोटों से हुए भारी रक्तस्राव के चलते शरीर में शॉक की स्थिति बनी, जो घातक साबित हुई।

उधर, पुलिस मामले की जांच कई पहलुओं से कर रही है। घटनास्थल के CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, फोरेंसिक साक्ष्य और कमरे से मिले सामान की जांच की जा रही है। ताजा रिपोर्टों में मौत से पहले के CCTV फुटेज की भी जांच की बात सामने आई है।

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परिजनों की ओर से भी घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए गए हैं और गहन जांच की मांग की गई है। हालांकि, अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत हत्या थी या आत्महत्या। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

पोस्टमार्टम ने चोटों और मौत के चिकित्सकीय कारण की जानकारी दी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी जारी है।