ग्रामीणों और वन विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा, विद्यालय परिसर तक फैली आग

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The prompt action of villagers and the forest department averted a major accident; the fire spread to the school premises.

पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड खिर्सू अंतर्गत कठाखोली क्षेत्र में शुक्रवार को जंगल की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग तेजी से फैलते हुए कठाखोली प्राथमिक विद्यालय परिसर तक पहुंच गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग की लपटों को विद्यालय के आसपास पहुंचता देख स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी और स्वयं भी आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए।

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जानकारी के अनुसार, गर्म और शुष्क मौसम के चलते जंगल में लगी आग तेजी से फैलती हुई विद्यालय परिसर तक पहुंच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि कठाखोली प्राथमिक विद्यालय पिछले कई वर्षों से बच्चा विहीन होने के कारण बंद पड़ा हुआ है। विद्यालय में किसी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि नहीं चल रही थी, जिसके कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

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ग्राम प्रधान विजेंद्र सिंह उर्फ विक्की रावत ने बताया कि आग विद्यालय परिसर तक पहुंचने से कुछ समय के लिए स्थिति चिंताजनक बन गई थी। यदि समय रहते ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने मोर्चा नहीं संभाला होता तो आग आसपास के क्षेत्रों और सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा सकती थी। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाएं ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन चुकी हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। देर शाम तक आग बुझाने का कार्य जारी रहा और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

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ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष गर्मियों के दौरान जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है। साथ ही ग्रामीण बस्तियों, विद्यालयों और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों पर भी खतरा मंडराने लगता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जंगल की आग रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी उपाय लागू करने की मांग की है।

फिलहाल वन विभाग के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि आग दोबारा न भड़क सके। यह घटना एक बार फिर जंगलों में बढ़ती आग की समस्या और उससे होने वाले संभावित खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करती है।